Dilon ko jeetne ka shauk

Hindi Blog Tips

Thursday, January 19, 2012

निकाह




एक दोस्त ने कहा तू शादी किससे करेगा,
मैंने उससे कहा मैं शादी शुदा हूँ,
कहने लगा कौन है तेरा जीवन साथी,
मैंने कहा यादें हैं किसी की,
उसने पूछ किसने पढाया था निकाह,

मैंने कहा मुस्तक़बिल के खवाबों ने,
वो बोला कैसी गुज़र रही है ज़िन्दगी,
बोलने वाला था पर आंसू छलक पड़े,
वो बोला फिर उसे छोड़ क्यूं नहीं देता,
मैंने कहा हक-मेहर में मेरी ज़िन्दगी लिखी है !

मेरी हूर




तू मेरी हूर होती मैं भी होता तेरा खुदा,
जो मेरा पैमाना तू ना तोडती हर शाम,

मेरे हाथ दुआ को उठ भी नहीं पाए कि,
खुद हाथ मेरे वो जाम आ गया हर शाम,

तेरे वास्ते हम भी ताजमहल बनवा देते,
गर मेरे मज़ार पे आ गयी होती हर शाम !

दर्द भरी ज़िन्दगी



दर्द भरी ज़िन्दगी का सुराग ढूँढता हूँ,
अँधेरा बहुत है एक चिराग ढूँढता हूँ,

बनाया था तमाशा ज़िन्दगी का इस तरह,
कि उन मेहरबानों में इलाज ढूँढता हूँ,

कोई अंधेरों में मेरे दिल का चिराग जला दे,
मैं अपने बदनसीबी का राज़ ढूँढता हूँ,

हसरत का आइना पत्थर दिल ने तोड़ दिया,
शीशों के उन टुकडों में अपना आज ढूँढता हूँ,

माजी के तल्क लम्हों ने मुझे झुलसा दिया,
दिल को बहलाने का हसीन खवाब ढूँढता हूँ !

Sunday, December 11, 2011

इक तर्क-ए-वफ़ा में उसे किस तरह भुला दूँ,
मुझ पर अभी उस शख्स के अहसान बहुत हैं,

भर आयें ना आंखें तो मैं दिल की बात बता दूँ,
अब तुझ से बिछड़ जाने का आघात बहुत है..!



तस्वीर

कल रात ख्वाब में तुम्हारी तस्वीर बना डाली,
वह इतनी अच्छी लगी कि सीने से लगा डाली !

जब हुआ खौफ कि तुम्हें कोई चुरा ना ले कभी,
तब इतना रोये के अपने आंसुओं से मिटा डाली !




ज़िन्दगी


जिन राहों पर इक उमर तेरे साथ गुजारीं,
कुछ रोज़ से वह राहें भी सुनसान बहुत हैं,

मिल जाओ कभी लौट के फिर ना आओ,
कमज़ोर हूँ मैं इस राह में तूफ़ान बहुत हैं,

इक तुम ही नहीं मेरी जुदाई से यूं परेशान,
ये ज़िन्दगी भी तेरी याद में वीरान बहुत हैं !


Tuesday, October 18, 2011

जला दो मुझको


फिर कहीं दूर से इक बार सदा दो मुझको,
मेरी तन्हाई का अहसास दिला दो मुझको.

तुम तो चाँद हो तुम्हे मेरी ज़रुरत क्या है,
मैं दिया हूँ किसी चौखट पे जला दो मुझको !