Dilon ko jeetne ka shauk

Hindi Blog Tips

Tuesday, April 17, 2012


जैसे तुमने वफ़ा की ख़ास कोई गुफ्तगू ना की,
और मैंने भी दिल की बात तुम्हारे रूबरू ना की,

बेसब्री से तुम भी तमाम उम्र ढूंढती रही मुझको,
मैंने भी तुम्हारे जाने के बाद कोई जुस्तुजू ना की !

"दो पल जिंदगी के"


किस हद तक जाना है यह कौन जानता है,
कैसे मंजिल को पाना है यह कौन जानता है,

दोस्ती के दो पल जिंदगी में प्यार से जी लो,
किस रोज़ बिछड़ जायेंगे यह कौन जानता है !

तुम्हारा दीदार


हर शाम हम तुम्हारा इज़हार करते रहे,
हर ख्वाब में तुम्हारा दीदार भी करते रहे,

दीवाने को तुम इस तरह छोड़ के चल दिए,
हर वक़्त हम मिलने का इंतज़ार करते रहे !

Monday, February 13, 2012

एहसास की सिरहन



साथ के एहसास की सिरहन कांपता हुआ ये बदन,
जाने आँखें क्यूँ मेरी बंद थी सांसें भी थी कुछ मंद !

चरागों की कतारें



मेरी आँखों के समंदर में जलन कैसी है,
दोस्तों के दिल तडपाने की लगन कैसी है,

अब किसी चाहत पे चरागों की कतारें नहीं,
फिर उन शहर की गलियों में घुटन कैसी है !

वफाओं के चिराग



कठिन सफ़र है मुहब्बतों का खराब रास्ते हैं सोच लेना,
छोड़ जाते हैं उस मुकाम पर जो साथ चलते हैं सोच लेना,

वह एक बस्ती जहां हम तुम मिले थे मिल के बिछड़े थे,
वहां अब भी मेरी वफाओं के चिराग जलते हैं सोच लेना !


कहाँ बसी हैं वह यादें उजड़ना है जिन्हें,
दिलों की बाँझ ज़मीन से ज़वाब पूछते हैं,

बरस पडीं तेरी आंखें तब यह भेद खुला,
सवाल खुद से भी अपना जवाब पूछते हैं!

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