Dilon ko jeetne ka shauk

Hindi Blog Tips

Wednesday, April 27, 2011

****अपने पराये****


चलो अच्छा हुआ काम आ गई दीवानगी अपनी,
वरना हम ज़माने भर को समझाने कहाँ जाते,

"प्रियराज" यह मुक़द्दर ग़म से बेगाना अगर होता,
तो फिर अपने पराये हम से पहचाने कहाँ जाते !

Tuesday, April 12, 2011

दोस्त.........!


गम के सागर में दोस्त कभी डूब ना जाना,
राहों पर चल के मंजिल पाओ तो टूट ना जाना,

ज़िन्दगी में अगर दोस्त की कमी महसूस हो,
जिंदा हैं हम आपके लिए यह भूल ना जाना !

Saturday, April 9, 2011

~~मैं भी इन्सान था~~


रात को जब निकला तो रास्ता बड़ा वीरान था,
एक तरफ आबादी थी एक तरफ कब्रिस्तान था,

हर वीरान कब्र से गूंजता यही एक बयान था,
देख के चल मुसाफिर कभी मैं भी इन्सान था..!

Saturday, January 1, 2011

***सपने***

अपने सारे सपने तोड़ कर बैठे हें,
दिल का अरमान छोड़ कर बैठे है,
***
अब ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें,
अभी तो दिल के टुकड़े जोड़ कर बैठे हें..!

~~अरमान~~

कियूं मेरी हर सांस पर मजबूरियों के ताले हें,
तुम्हारी हर निगाह ने गमगीन स्वप्न पाले हें,
सुबह होने की अब मुझे कोई तम्मना नहीं,
मैंने ज़िन्दगी के अरमान अंधेरों को बेच डाले हें..!
"दिलों को जीतने का शौक"
के सभी साथियों को
नव वर्ष 2011
पर हार्दिक बधाई

Thursday, August 12, 2010

~~सावन का महिना~


यह सावन भी दिल की तपती ज़मीन,
को 'प्यार' की फुहार ना दे सका,

बरसों से इस रेगिस्तान की ज़मीन,
पर थोड़ी प्रेम की ठंडक भी ना दे सका,

अँखियाँ अब भी ना थकी उसकी आस में,
राहत की जो एक झलक भी ना दे सका,

यह कैसी हरियाली है सावन की हर तरफ,
हमें एक बूँद ओस की भी ना दे सका.!