Dilon ko jeetne ka shauk

Hindi Blog Tips

Tuesday, April 12, 2011

दोस्त.........!


गम के सागर में दोस्त कभी डूब ना जाना,
राहों पर चल के मंजिल पाओ तो टूट ना जाना,

ज़िन्दगी में अगर दोस्त की कमी महसूस हो,
जिंदा हैं हम आपके लिए यह भूल ना जाना !

Saturday, April 9, 2011

~~मैं भी इन्सान था~~


रात को जब निकला तो रास्ता बड़ा वीरान था,
एक तरफ आबादी थी एक तरफ कब्रिस्तान था,

हर वीरान कब्र से गूंजता यही एक बयान था,
देख के चल मुसाफिर कभी मैं भी इन्सान था..!

Saturday, January 1, 2011

***सपने***

अपने सारे सपने तोड़ कर बैठे हें,
दिल का अरमान छोड़ कर बैठे है,
***
अब ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें,
अभी तो दिल के टुकड़े जोड़ कर बैठे हें..!

~~अरमान~~

कियूं मेरी हर सांस पर मजबूरियों के ताले हें,
तुम्हारी हर निगाह ने गमगीन स्वप्न पाले हें,
सुबह होने की अब मुझे कोई तम्मना नहीं,
मैंने ज़िन्दगी के अरमान अंधेरों को बेच डाले हें..!
"दिलों को जीतने का शौक"
के सभी साथियों को
नव वर्ष 2011
पर हार्दिक बधाई

Thursday, August 12, 2010

~~सावन का महिना~


यह सावन भी दिल की तपती ज़मीन,
को 'प्यार' की फुहार ना दे सका,

बरसों से इस रेगिस्तान की ज़मीन,
पर थोड़ी प्रेम की ठंडक भी ना दे सका,

अँखियाँ अब भी ना थकी उसकी आस में,
राहत की जो एक झलक भी ना दे सका,

यह कैसी हरियाली है सावन की हर तरफ,
हमें एक बूँद ओस की भी ना दे सका.!

Wednesday, July 28, 2010

~~तन्हाइयों का सफ़र~~


चाँद अपना सफ़र ख़तम करता रहा,
रात भर आसमान यूं पिघलता रहा,

दिलों में याद का नश्तर चुभते रहे,
दर्द बन कर शमां दिल में जलता रहा,

वो जो दिल से हमें भुलाये बैठे थे,
दिल उनसे मिलने को मचलता रहा,

आंसू पलकों से ना छलका कभी,
दर्द वो चुपके से दिल में पलता रहा,

रोज़ आ कर शबनम रोती रही रात भर,
मेरी तन्हाइयों का सफ़र यूं ही चलता रहा..!